Thursday, February 11, 2021

महिला विरोधी उत्पाद बेचती अमेजन कम्पनी




एक पुरानी पत्रिका पलटते समय अचानक एक खबर पर नजर अटक गई। खबर के अनुसार अमेजन कम्पनी ने नवम्बर के महीने में ब्लड कैप्सूल का विज्ञापन दिया था। ब्लड कैप्सूल ऐसी दवा है जो किसी भी महिला के कुँवारी होने को साबित करने में मदद करेगी। कम्पनी ने असल में इसे उन महिलाओं के लिए बेचना शुरू किया है जिन्हें शादी के बाद पति के सामने अपने कुँवारेपन को साबित न कर पाने का भय हो। 
यह दवा ब्लड का पाउडर है जो ब्लड भरे कैप्सूल के रूप में मिलते है। इसे महिलाएँ सुहागरात से कुछ घंटे पहले अपने गुप्तांग में रख सकती हैं। जिससे सेक्स करते समय योनि से ब्लड बाहर आएगा और इससे ये साबित हो जाएगा कि लड़की कँुवारी थी। 
हम कैसे समाज में रहते हैं! आज भी शादी के बाद केवल लड़की को ही अपने कुँवारेपन का सबूत देना होता है। कुछ महिलाएँ ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं होती हैं, क्योंकि उनकी योनि की बेहद नाजुक हाइमन झिल्ली कई वजहों जैसे– रस्सी कूदने, साइकिल चलाने और दौड़ने आदि के कारण शादी से पहले ही फट जाती है। ऐसी महिलाओं को इस बात का डर सताता है कि पति से प्रथम मिलन के समय कहीं उनकी योनि से रक्त न निकले। वे डरती हैं कि पति कहीं यह न सोचे कि वह गैर मर्द के साथ हम बिस्तर हो चुकी हैं ? इसी डर का फायदा उठाकर अमेजन कम्पनी कुँवारेपन को साबित करने वाले कैप्सूल बेच रही है और तमाम महिलाएँ अपने डर पर काबू पाने के लिए ऐसी दवाएँ खरीद रही हैं। 
इस समाज में पुरुष को स्त्री के सामने कुछ नहीं साबित करना होता। क्या पुरुष को अपने कुँवारेपन को साबित करने के लिए ऐसे नियम नहीं होने चाहिए ? अगर ऐसी स्थिति में अमेजन पुरुषों के लिए कोई दवा या उपकरणों का विज्ञापन करे तो लोगों को कैसा लगेगा ? हमारा समाज महिलाओं के मामले में दोयम दर्जे का अपमानजनक व्यवहार करता है। आज हमारा समाज इतना सड़ चुका है कि यहाँ महिलाओं को उपभोग की वस्तु के रूप में माना जाता है। कम्पनियाँ महिलाओं की भावनाओं, दु%ख–दर्द और उनके जिस्म से भी मुनाफा कमाने की फिराक में होती हैं। जिस तरह कोई खरीददार सामान खरीदते समय उसकी जाँच–परख करता है, ठीक उसी तरह शादी के समय महिलाओं की भी जाँच–परख होती है, जैसे वे कोई सामान हों, जो सही–सलामत होनी चाहिए। ऐसी महिला विरोधी सोच को बाजार अपने हित में भुना रहा है। 
क्या जिस महिला की झिल्ली शादी से पहले टूट गयी हो तो वह शादी नहीं कर सकती ? क्या वह अच्छी जीवन साथी नहीं बन सकती या वह जिम्मेदार नागरिक नहीं हो सकती ? यह कम्पनी पहले भी महिला विरोधी विज्ञापन कर चुकी है। इसने एक ऐसे ऐश ट्रे का विज्ञापन बनवाया था जिसका आकार महिला की योनि नुमा था। मतलब जब कोई व्यक्ति अपनी सुलगती हुई बीड़ी या सिगरेट को बुझायेगा तो उसे ऐसा अहसास होगा मानो कि वह किसी महिला की योनि में यह सब कर रहा हो, जिससे कि यौन कुण्ठित पुरुष अपनी कुण्ठा को दूर कर सकें। व्यापक विरो/ा के बाद कम्पनी ने अपनी इस उत्पाद को बाजार से हटा लिया। 
हमारा समाज एक यौन कुण्ठित समाज है। समाज में किसी महिला–पुरुष के बीच सामान्य बातचीत को ठीक नहीं माना जाता जबकि किसी नौजवान लड़के की यह स्वाभाविक इच्छा होती है कि वह किसी नौजवान महिला से बात करे। दूसरी तरफ से भी ऐसी इच्छाएँ स्वाभाविक हैं। इसके साथ ही एक–दूसरे से दोस्ती सामान्य चीज है, लेकिन स्त्री–पुरुष की दोस्ती न होने, प्यार न होने या शादी न हो पाने की स्थिति में यौन कुण्ठा जन्म लेती है, जो यौन हिंसा का कारण बनती है। यौन हिंसा में आनन्द लेने वाले काम–कुण्ठित पुरुषों को लुभाने के लिए ऐसी ट्रे बनायी गयी थी। कम्पनियाँ ऐसी महिला विरोधी कुण्ठित यौन इच्छाओं को अपने लिए माकूल अवसर के रूप में देखती हैं जिसका फायदा उठाकर वे बेशुमार मुनाफा कमाती हैं। 
इस तरह हम देखते हैं कि बाजार के लिए महिलाएँ उत्पाद से ज्यादा कुछ नहीं हैं। महिलाओं के अंगों को उत्पादों की शक्ल में बदलकर उनसे मुनाफा कमाने की सोच महिला विरोधी ही नहीं बल्कि इन्सानियत विरोधी भी है। ऐसे हालात न केवल महिलाओं के लिए बल्कि एक सभ्य समाज के लिए भी अपमानजनक है।
–– प्रीति


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